अगर आप सोच रहे हैं कि भारत की explosives industry सिर्फ़ माइनिंग तक सीमित है, तो दोबारा सोचिए। 2025 में ये सेक्टर USD 9.1 बिलियन के पार पहुँच चुका है और अगले कुछ सालों में लगभग 6% सालाना ग्रोथ की उम्मीद है। बढ़ते infrastructure projects, mining expansion और defence orders की वजह से इस सेक्टर में तेज़ी देखने को मिल रही है।

सेक्टर लीडर्स और मार्केट ग्रोथ
भारत की explosive industry में Solar Industries सबसे आगे है, जिसके पास लगभग 24% मार्केट शेयर है। लेकिन अब कई दूसरे प्लेयर्स भी तेज़ी से उभर रहे हैं – इनमें से एक है Premier Explosives Ltd (PEL)।
कंपनी का शेयर हाल ही में ₹632.30 प्रति शेयर पर बंद हुआ, जो पिछले दिन के ₹613.50 से करीब 3% ऊपर है। कंपनी का मार्केट कैप ₹3,400 करोड़ के आसपास है।
ICICI Direct का पॉज़िटिव व्यू
ICICI Direct ने Premier Explosives पर ‘Buy’ रेटिंग दी है, और ₹815 का टारगेट प्राइस सेट किया है – यानी करीब 29% संभावित अपसाइड।
ब्रोकरेज का मानना है कि PEL भारत के उन कुछ प्राइवेट प्लेयर्स में से एक है जो bulk explosives, detonators, fuses, solid propellants, HMX/RDX, warheads और rocket ammunition जैसे प्रोडक्ट्स बनाते हैं। कंपनी की integrated capabilities इसे डिफेंस, टैक्टिकल और स्पेस-ग्रेड explosive segments में अलग पहचान देती हैं।
ऑर्डर बुक और प्रोजेक्ट्स
कंपनी के पास फिलहाल ₹989 करोड़ का ऑर्डर बुक है, जो उसके TTM revenue का 2.1x है।
- करीब 87% ऑर्डर्स defence sector से हैं।
- FY26 में कंपनी ने ₹600 करोड़ revenue target रखा है, जिससे दो साल की विज़िबिलिटी मिलती है।
PEL एक बड़ा ₹800 करोड़ का ग्रीनफ़ील्ड प्रोजेक्ट ओडिशा में सेट कर रही है, जिसमें पहला फेज़ ₹100 करोड़ का होगा (ammunition और warheads के लिए)। इसके लिए कंपनी ₹300 करोड़ QIP या preferential issue से जुटाने की योजना बना रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
कंपनी का Q1 FY26 रिज़ल्ट शानदार रहा:
| पैरामीटर | Q1 FY25 | Q1 FY26 | ग्रोथ |
|---|---|---|---|
| रेवेन्यू | ₹83 करोड़ | ₹142 करोड़ | +71% |
| नेट प्रॉफिट | ₹7 करोड़ (approx.) | ₹15 करोड़ | +114% |
यह ग्रोथ बेहतर operational efficiency, cost management, और defence demand की वजह से आई है।
ICICI के मुताबिक FY25–FY28 के बीच कंपनी का रेवेन्यू CAGR ~27%, EBITDA ~40%, और PAT ~54% रह सकता है – यानी अगले कुछ सालों में explosive ग्रोथ literally possible है।
भारत के डिफेंस सेक्टर में नया अध्याय
सरकार के ‘Make in India’ defence push के तहत 900 से ज़्यादा डिफेंस आइटम्स पर इंपोर्ट रोक लगाई गई है। लगभग ₹4 लाख करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट्स घरेलू कंपनियों के लिए खुले हैं।
भारत के defence exports पिछले तीन सालों में 7 गुना बढ़कर ₹10,745 करोड़ तक पहुँच गए हैं – यानी इंडिजिनस प्रोडक्शन और इनोवेशन के लिए बड़ा मौका।
निष्कर्ष
Premier Explosives Ltd न सिर्फ़ माइनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए, बल्कि defence और aerospace applications के लिए भी भारत की सबसे भरोसेमंद कंपनियों में से एक बनती जा रही है। बढ़ते सरकारी ऑर्डर्स, नई कैपेसिटी और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोर्ट्स इसे आने वाले सालों में एक मज़बूत growth story बना सकते हैं।